Wednesday, August 08, 2007

एक फैशन शो ऐसा भी!

अखबारों में छपे चित्रों में होने वाली मजेदार गलतियों की श्रृंखला में एक और हाजिर है। दैनिक भास्कर में छपे इस समाचार को ही लीजिए। स्त्री स्वास्थ्य से संबंधित सरकारी नीतियों में खोट संबंधी खबर में बच्चे को नहलाती मां का चित्र लगाने का क्या औचित्य है, समझ नहीं आया। ऊपर से कैप्शन (चित्र विवरण) तो देखिए!

3 Comments:

At 2:18 PM, Blogger संजय तिवारी said...

अखबार वाले ऐसी गलतियां करते रहते हैं. और बालेन्दु दाधीच उसको पकड़ते रहते हैं.

 
At 8:04 PM, Blogger अनूप शुक्ला said...

क्या पकड़ा है। :)

 
At 9:17 PM, Blogger अप्रवासी अरुण said...

दूसरों की गलतियां पकड़ने में माहिर प्रेस वाले भी तो आखिरकार चूकते ही हैं कभी कभी। -हम हैं हमारा

 

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