Thursday, July 09, 2009

याहू तो इन्हें प्रतिभा पाटिल मानता है

इटली में ग्रुप 8 के देशों के शिखर सम्मेलन के दौरान याहू न्यूज ने यह फोटो लगाया है। जरा देखिए भारतीय नेताओं के बारे में उसकी जानकारी कितनी है!

Tuesday, June 16, 2009

इतना बड़ा अखबार और इतनी बड़ी भूल

प्रिंट मीडिया में भी ऐसी गलतियां बहुत कम होती हैं। टाइम्स ऑफ इंडिया ने 15 जून 2009 और 16 जून 2009 , दोनों दिन अपने अहमदाबाद के संस्करण में बिल्कुल एक जैसा ही संपादकीय पृष्ठ छाप डाला है! वही संपादकीय लेख, वही लेख, वही पाठकों के पत्र!! मतलब, हर कोण से दोनों पृष्ठ एक जैसे हैं। सिर्फ तारीख अलग है!!

दोनों चित्रों को क्लिक कर देखा जा सकता है।

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Saturday, June 13, 2009

खबर यहां, अमर सिंह कहां

दिल्ली के एक दैनिक ने समाजवादी पार्टी के महासचिव अमर सिंह का फोटो उनकी अपनी खबर के साथ लगाने के बजाए कहां लगा दिया है, जरा देखिए।

Thursday, June 11, 2009

हिमाचल के सभी नेता 'धूमल' नहीं होते

दिल्ली के एक हिंदी अखबार ने केंद्रीय मंत्री वीरभद्र सिंह के फोटो के नीचे गलत कैप्शन लगा दिया है। लोग कितना जल्दी भूल जाते हैं!

Saturday, April 11, 2009

टाइटलर को जो लगा वो यह जूता नहीं था भाई

कुछ दिन पहले जागरण के पत्रकार जरनैल सिंह ने गृह मंत्री पी चिदंबरम पर जूता फेंका। लेकिन वह भारी पड़ा जगदीश टाइटलर और सज्जन कुमार को जिनके चुनावी टिकट कट गए। कई अखबारों ने थोड़ा मजा लेते हुए हैडिंग लगाए कि चिदंबरम पर फेंका गया जूता टाइटलर को लगा। अब कुछ पत्रकार साथियों ने शायद सिर्फ हैडलाइन पढ़ा और यह समझ लिया कि वाकई जूता टाइटलर को ही लगा था। फ्रेशन्यूज.इन नामक वेबसाइट पर दी गई इस खबर को पढ़िए। उन्होंने बाकायदा जगदीश टाइटलर पर जूता लगने की खबर छाप दी है।

(अजय मोहन ने बंगलुरु से भेजा)।

Sunday, March 08, 2009

गैंगस्टर जज ने, भरी अदालत में, जेलर की वर्दी उतरवाई!!

:senam:लगता है होली का पता चलते ही इस संवाददाता ने भंग का रंग जमाने की कोशिशें शुरू कर दी है। इनकी मंडली में इनके बाकी साथी भी शामिल हैं, इसमें कोई शक नहीं। वरना अलग-अलग डेस्क से गुजरती इस पुलिस अधिकारियों की वर्दी उतारने वाली खबर को, फिल्मी सीन के ख्वाब देखते हुए, इस तरह पेश न करते

आपको शक हो रहा है तो देख लीजिए पुलिस वालों की वर्दी , भरी अदालत में उतरवाने वाले जज साहब की खबर, जागरण के ऑनलाईन संस्करण पर। गलती एक बार हो सकती है, लेकिन तीन-तीन बार?

:damn:
खबर को तीन दिन हो चुके हैं, लेकिन इस पोस्ट के लिखे जाते तक गलती वैसी की वैसी ही है।

अब तो आप भी भंग की तरंग में आ गये होंगे?

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Saturday, February 07, 2009

भोजन क्या किया, अखबार का स्पेस भी खा गए

कुछ दिन पहले एक अखबार में अशोक गहलोत के चाय पीने की खबर छपी थी। अब दिल्ली से प्रकाशित एक प्रमुख अखबार ने कांग्रेसी सांसद सचिन पायलट के खाना खाने का तीन कालम का फोटो छापा है। चित्र में पायलट दंपति अपनी-अपनी प्लेट लिए भोजन की ओर बढ़ रहे हैं। किसी सरकारी भोज या सार्वजनिक कार्यक्रम में नहीं, बल्कि अपने घर पर। अखबार में ऐसा कोई फीचर या खबर भी नहीं छपी है जिससे इस चित्र का कोई संबंध दिखे। जब सांसद रहते हुए यह हाल हैं तो अगर सचिन मंत्री बन गए तो न जाने क्या-क्या छपेगा!

Saturday, January 17, 2009

क्या शेख हसीना पुरूष हैं!?

ऐसी भी क्या जल्दी है?

अभी बालेन्दु जी ने बताया था कि मीडिया, पुरूष को महिला बना सकता है। यहाँ तो एक महिला प्रधानमंत्री को पुरूष बना दिया गया है, वह भी विरोधी देश का। आप खुद ही देख लीजिए।


इससे पहले की एक पोस्ट में किसी ने टिप्पणी में उलाहना दिया था कि लिंक तो देते। इसलिए इस गलती की लिंक है http://www.deshbandhu.co.in/International.asp?Details=2068

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Friday, January 16, 2009

मीडिया भी पुरुष को स्त्री बना सकता है

एक हिंदी वेबसाइट में छपी इस खबर को देखिए। टेनिस खिलाड़ी युकी भांभरी को महिला खिलाड़ी बताया गया है। महिला होने में कोई बुराई नहीं है लेकिन बेचारे युकी पुरुष हैं। पहले खबर पढ़िए और फिर संदर्भ के तौर पर (हमारी तरफ से) नीचे दिया गया असली युकी भांभरी का फोटो देखिए।



और ये हैं युकी भांभरी



अजय मोहन (बंगलुरु) ने भेजा।

Friday, January 09, 2009

वे चाय भी पीते हैं तो बन जाती है खबर

वक्त वक्त की बात है। मुख्यमंत्री बनने के बाद अशोक गहलोत का चाय पीना भी खबर बन जाता है। एक राष्ट्रीय अखबार ने कल उनके दिल्ली में चाय पीने की खबर प्रकाशित की है। खबर महत्वपूर्ण है। मगर सवाल उठाती है कि अगर देश के तमाम नेताओं और बड़ी हस्तियों के चाय-कॉफी या कोल्ड ड्रिंक पीने पर खबरें छपने लगीं तो अखबारों में बाकी देश के लिए क्या बचेगा?

Wednesday, December 17, 2008

BSE Sensex ने 1000 का स्तर छुआ!

अगर कोई सिर्फ शीर्षक पढ़ने का ही समय निकाल पाता हो, तो पता नहीं कितनों का ब्लड प्रेशर बढ़ा होगा इस ख़बर का शीर्षक देखा कर! जिसमें सेंसेक्स द्वारा 1000 का स्तर छूने की बात कही गई है। हालांकि जागरण-याहू के इन्टरनेट संस्करण की विस्तृत ख़बर में कोई गड़बड़ नहीं है लेकिन ...
यह ग़लती, इस पोस्ट के लिखे जाते तक मौजूद थी।

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Friday, December 05, 2008

नए और दिलचस्प अंदाज में पी चिदंबरम

पी चिदंबरम का यह चित्र आपने पहले कभी नहीं देखा होगा। पीटीआई की वेबसाइट पर लगे चित्र में पर्चे बटोरते ये सज्जन न जाने कौन हैं मगर कैप्शन कह रहा है कि ये हमारे नए गृह मंत्री पी चिदंबरम हैं।

Saturday, November 29, 2008

Hitavada समाचार पत्र अब रेलपुर से भी

प्रिंट मीडिया में हुयी इस गलती को मेरी बेटी ने पकड़ा। स्थानीय समाचारों के समावेश होने के कारण, अंग्रेजी माध्यमों के समाचार पत्रों में उसे हितवाद बहुत पसंद है। भड़की तो वह बहुत कि हितवाद जैसे न्यूज़पेपर से यह उम्मीद नहीं थी मुझे, क्यों ये लोग पूरे मध्य भारत में जाने वाले इस समाचार पत्र में ऐसी गलती होने देते हैं आदि आदि

अब गलती तो गलती है, छोटी हो या बड़ी। यह कॉपी भिलाई में वितरित हुयी थी। आप भी देखिये। (बलबिन्दर सिंह पाबला ने भेजा)

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Thursday, November 27, 2008

हम क्या कहें। आप खुद ही देख लें

Wednesday, November 26, 2008

बसपा माने भारतीय समाजवादी पार्टी?

दिल्ली से प्रकाशित मेल टुडे ने राजधानी में हुई विभिन्न राजनेताओं की चुनाव सभाओं का ब्यौरा दिया है। मायावती के बारे में दी गई खबर में लिखा गया है कि वे बसपा यानी कि भारतीय समाजवादी पार्टी की नेता हैं। यह तो खुद मायावती के लिए भी एक खबर होगी।

Monday, November 17, 2008

'कैट' की परीक्षा का एक पहलू यह भी

एक प्रसिद्ध हिंदी वेब पोर्टल ने प्रबंधन संस्थानों में दाखिले के लिए होने वाली कैट परीक्षा (common admission test) के बारे में तीन-चीर दिन पहले खबर दी थी। लेकिन फोटो लगा दिया गया दूसरी 'कैट' यानी कि बिल्ली का। जिन लोगों को कैट की परीक्षा की पात्रता आदि के बारे में जानकारी पानी हो उन्हें शायद इससे मदद मिले।

Thursday, October 16, 2008

1.2 भारतीयों को गिनना पड़े तो कैसे गिनेंगे

जोश 18 ने वाकई बहुत चिंताजनक खबर दी है। वेबसाइट के अनुसार, सिर्फ 1.2 भारतीयों के पास स्वास्थ्य बीमा है। कितने बड़े आश्चर्य और दुःख की बात है। उससे भी ज्यादा आश्चर्य की बात यह है कि जोश वालों ने 1.2 व्यक्ति की गणना किस तरह की होगी? किसी जमाने में जयपुर के महाराजा सवाई कहलाते थे। यानी सवाया शक्ति वाले। यहां भी कुछ ऐसा ही लग रहा है। हालांकि यहां व्यक्ति सवाई से थोड़ा सा कम है। (हालांकि यह खबर भेजने वाले साथी बलविंदर सिंह पाबला ने साफ कर दिया है कि भाई लोग प्रतिशत लगाना भूल गए)।

Wednesday, October 15, 2008

Oops we did it again! हम फिर कर बैठे गलती!

प्रभासाक्षी में नकद आरक्षी अनुपात (Cash Reserve Ratio या CRR) कम किए जाने के बारे में प्रमुखता से छपी खबर में हम लोग भारी चूक कर गए। खबर के हैडिंग में सीआरआर कम किए जाने की बात है और इन्ट्रो में बढ़ाए जाने की। अब इसे क्या कहें? पर उपदेश कुशल बहुतेरे? (यह स्थिति प्रभासाक्षी में करीब आधे घंटे रही और साथियों की नजर पड़ते ही दुरुस्त कर दी गई, मगर तब तक स्क्रीनशॉट लिया जा चुका था)।

Tuesday, October 14, 2008

बैंक ऑफ अमेरिका बना बैंक ऑफ बड़ौदा

याहू और जागरण की साझा वेबसाइट पर बैंक ऑफ अमेरिका से संबंधित खबर जा रही है मगर लोगो लगा है बैंक ऑफ बड़ौदा का। लगता है पत्रकार महोदय पर मंदी की विश्वव्यापी व्यथा का कुछ ज्यादा ही असर हो गया। (बलबिंदर सिंह पाबला ने भेजा)।

Monday, October 13, 2008

अभिषेक और राज ठाकरे पर भारी हरी पुत्तर!

हिंदी इकॉनॉमिक टाइम्स के एक विशेष सेक्शन 'शोबिज स्पेशल' में अभिषेक बच्चन का बयान छपा कि उन्हें राज ठाकरे से कोई समस्या नहीं है और उन्होंने राज को द्रोण के प्रीमियर का न्यौता भेजा है। यहां तक तो ठीक है मगर फोटो लगाया गया है 'हरी पुत्तर' फिल्म के हीरो ज़ैन खान का। अभिषेक या राज का चित्र लगता तो बेहतर होता।